Cashless Mediclaim everywhere

 Cashless Mediclaim || Swasthya beema ||

अब उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, यदि आपका बीमा है तो आपको कैशलेस भर्ती करनी होगी, 

चाहे हॉस्पिटल बीमे की लिस्ट में न हो।

Sr No. Cashless Insurance Cashless benefit
1 कैशलेस इन्शुरन्स क्या है पॉलिसी होल्डर को
किसी भी अस्पताल
में इलाज शुरू करवा सकते है
2. फ़ायदा आपकी पॉलिसी लिस्टिंग
 अब गिने-चुने अस्पताल
 हाई नही अपितु किसी
भी अस्पताल में
इलाज शुरू करवा सकते है
3. लिस्टिंग और network का क्या अर्थ है पहले के इन्शुरन्स पॉलिसी
धारक को इलाज के लिए
उसी हॉस्पिटल में इलाज
मिल सकता था जो उसके
network में आते है
लेकिन इस नई योजना
के तहत मरीज़ देश के
किसी भी हॉस्पिटल
में कैश लेस इलाज
करवा सकता है
4. 1.5 Rs फ़्री ट्रीटमेंट क्या है यह केंद्र सरकार की
नई योजना है । सड़क
दुर्घटना में शिकार
कोई भी व्यक्ति 1.5 lakh तक का इलाज मुफ़्त करवा सकता है।










     हेल्थ इंश्योरेंस के क्षेत्र में एक बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। पहले दिनों में, जब अस्पतालों के पास हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होने के बावजूद वे आपके कैशलेस इलाज को इंकार करते थे, वह दिन बीत गए हैं। अब किसी भी अस्पताल में आपका इलाज कैशलेस होगा, चाहे वह अस्पताल कंपनी के नेटवर्क में हो या न हो।

Highlight:

  • हेल्थ इंश्योरेंस की पॉलिसी होने पर व्यक्ति को चिंता करने की जरूरत नहीं होती है।
  • अब व्यक्ति को जहां भी जाना हो, उसे कैशलेस इलाज मिलेगा।
  • अस्पताल के नेटवर्क में होने की जरूरत नहीं है, बीमा कंपनी के नेटवर्क में होने पर भी व्यक्ति को फायदा मिलेगा
  • कशलेसस इन्शुरन्स में क्लेम से पहले ध्यान करने लायक़ बातें

  • कशलेसस इन्शुरन्स के बारे में जानने लायक़ सारी बातें

    स्वास्थ्य बीमा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का आरंभ हो चुका है। हेल्थ इंश्योरेंस, जो जनरल इंश्योरेंस का एक हिस्सा है, में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल (GIC) ने कैशलेस एवरीव्हेयर मुहिम की शुरुआत की है। इस मुहिम के अंतर्गत, पॉलिसी होल्डर्स को यह स्वतंत्रता मिलेगी कि वे किसी भी अस्पताल में अपना इलाज करा सकें। इसका मतलब है कि अब कोई भी अस्पताल नेटवर्क का बहाना बनाकर रोगी के इलाज से इंकार नहीं कर सकेगा।

जीआईसी का फैसला क्या है?

What is the decision of GIC? (General Insurance Company)

   अब देश के किसी भी मान्यता प्राप्त अस्पताल में रोगी को कैशलेस इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। यह फैसला जनरल इंश्‍योरेंस काउंसिल (GIC) द्वारा लिया गया है, जिसने जनरल और हेल्‍थ इंश्‍योरेंस कंपनियों के साथ बातचीत के बाद 'कैशलेस एवरीव्‍हेर' इनीशिएटिव शुरू की है। इसके अनुसार, अस्पतालों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के लिए सहमति मिली है, चाहे वह अस्पताल इंश्‍योरेंस कंपनी की लिस्‍ट में हो या न हो। इससे अब रोगी को किसी भी अस्पताल में बिना कैश के इलाज कराने की सुविधा मिलेगी।

    वर्तमान में, हेल्थ पॉलिसी धारक केवल उस अस्पताल में नकदी के बिना उपचार का लाभ उठा सकते हैं जो बीमा कंपनी के नेटवर्क में शामिल है। यदि कोई अस्पताल बीमा कंपनी में शामिल नहीं होता तब भी उसे इलाज के लिए पूरा खर्च स्वयं करना पड़ता था बाद में, उन्हें अपनी बीमा कंपनी के सामने दस्तावेज़ जमा करने की आवश्यकता होती है। ऐसे मामलों में, जिनके पास लाखों की नकदी नहीं होती है, उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में, कर्ज लेना भी आवश्यक हो जाता है।

मुहिम क्यों शुरू हुई?

Why was the campaign started?







अभी तक जो व्यवस्था आजकल है, उसमें पॉलिसीधारक का नाम कटने के बाद भी बहुत समय लग जाता है। उसके बाद बीमा कंपनी क्लेम के सत्यापन व अन्य प्रक्रियाओं में भी समय लगाती है। इसका मतलब होता था कि पॉलिसीहोल्डर को पॉलिसी के बाद भी इलाज के लिए कुछ समय के लिए पैसों की परेशानी झेलनी होती है। कहीं से उधार या कर्ज लेना पड़ता है। इसलिए यह मुहिम शुरू की गई है।

सभी स्टेकहोल्डर्स से सलाह ली गई

All stakeholders were consulted

सभी स्टेकहोल्डर्स को परामर्श दिया गया है कि जीआईसी ने इस फैसले को खुद से ही लागू नहीं किया है। इस फैसले को लागू करने से पहले जनरल एवं हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के साथ व्यापक परामर्श किया गया है। उसके बाद ही इस मुहिम की शुरुआत की गई है। अब माना जा रहा है कि पॉलिसी होल्डर बिना  पैसों के इंतजाम के ही किसी भी हॉस्पिटल में इलाज करवा सकते है।

भारत में कितने प्रकार के कैशलेस  इन्शुरन्स है?

भारत में कई प्रकार की कैशलेस मेडिक्लेम पॉलिसी हैं। भारत में तीन प्रमुख प्रकार के कैशलेस स्वास्थ्य बीमा पर ध्यान दें: -.

1. कैशलेस परिवार स्वास्थ्य बीमा 

इस प्रकार की कैशलेस स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के तहत, आप अपने पूरे परिवार को एक ही पॉलिसी के तहत कवर कर सकते हैं जिसमें छोटी सी प्रीमियम राशि देनी होगी। परिवार के लिए कैशलेस स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के लिए बीमा राशि आमतौर पर व्यक्तिगत योजना की तुलना में अधिक होती है।

2. कैशलेश व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा

एक व्यक्ति के लिए कैशलेस मेडिक्लेम पॉलिसी उसके सभी चिकित्सा खर्चों को कवर कर सकती है, जिसमें कैशलेस अस्पताल में भर्ती होने के सभी लाभ शामिल होते हैं।

3. कैशलेश वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा

   वैश्विक वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य बीमा कार्ड धारकों को विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निःशुल्क उपचार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत उन्हें दवाइयों की खरीदारी, जांच और अस्पताल में भर्ती होने पर भी बीमा कवरेज प्राप्त होता है।

    सरकार ने इस योजना के अंतर्गत निर्धारित किया है कि इससे सभी नागरिकों को लाभ नहीं होगा, बल्कि केवल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को ही इस योजना में शामिल किया जाएगा और उन्हें इसके तहत लाभ प्रदान किया जाएगा।

कैशलेस मेडिक्लेम इन्शुरन्स में निवेश करने का महत्व:

   सरकार ने इस योजना के अंतर्गत निर्धारित किया है कि इससे सभी नागरिकों को लाभ नहीं होगा, बल्कि केवल गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को ही इस योजना में शामिल किया जाएगा और उन्हें इसके तहत लाभ प्रदान किया जाएगा।

कैशलेस इन्शुरन्स में क्लेम से पहले ध्यान रखने योग्य बातें:~

   आप कैशलेस क्लेम करने के बारे में चिंतित हैं? क्या आपको लगता है कि यह एक मुश्किल प्रोसेस है? चिंता न करें. हम कैशलेस क्लेम करने से पहले ध्यान रखने लायक कुछ बातें यहां बता रहे हैं: 

    जल्द से जल्द सूचित करें: हॉस्पिटलाइज़ेशन चाहे पहले से तय हो या अचानक, इंश्योरेंस कंपनी को जल्द से जल्द सूचित करें. ऐसा करने से इंश्योरेंस कंपनी को पॉलिसी रिव्यू करने और क्लेम का निवेदन स्वीकार करने में मदद मिलेगी. एमरजेंसी ट्रीटमेंट को इससे छूट है. 

    जानकारी तैयार रखें: प्लान से जुड़ी सारी जानकारी तैयार रखें. एमरजेंसी हॉस्पिटलाइज़ेशन के मामले आप इन्शुरन्स कम्पनी से सम्पर्क किए बिना रुकावट के मदद ले सकते है।

    सही जानकारी दें: मरीज़ की मेडिकल हिस्ट्री, पहले से मौजूद बीमारियां, खर्च आदि अहम जानकारी पूर्व-स्वीकृति के लिए ज़रूरी होती है. ध्यान रखें कि आप सारी सही जानकारी ही दें ताकि क्लेम आसानी से और बिना रुकावट प्रोसेस किया जा सके.

 इनक्लूज़न और एक्सक्लूज़न जानें: पॉलिसी के इन्क्लूज़न और एक्सक्लूज़न, दोनों को समझना हमेशा ज़रूरी होता है. इससे आपको ट्रीटमेंट में हो सकने वाले खर्चों को समझने में हमेशा ही मदद मिलेगी और आप उनके लिए पहले से तैयारी कर सकेंगे. प्लान के बारे में अप टू डेट जानकारी रखने से बाद में भ्रम से बचाव होगा।

कशलेस इन्शुरन्स के बारे में जानने लायक़ सारी आवश्यक बातें

1. हमारे जीवनशैली के कारण यह निश्चित है कि जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की संभावना बढ़ गई है। साथ ही साथ मेडिकल खर्चे भी बढ़ गए हैं। एक ओर, हमें मेडिकल सुविधाओं का उपयोग करना चाहिए, जबकि दूसरी ओर, हमें दूसरे पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।

ऐसे किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए, सर्वश्रेष्ठ कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का होना आवश्यक है. वर्तमान में कैशलेस क्लेम तेजी से बढ़ रहे हैं. आजकल हेल्थ इंश्योरेंस खरीदने वाले लोग कैशलेस लाभ के विकल्प लेने के बारे में ज़रूर सोचते हैं। यहां हम ऐसी कुछ महत्वपूर्ण बातें बता रहे हैं, जो आपको भारत में कैशलेस सुविधा के बारे में पता होनी चाहिए।

1. जब आप किसी नेटवर्क अस्पताल में उपचार कराते हैं, तो आपको पॉलिसीधारक या बीमा कंपनी से उपचार और पॉलिसी की शर्तों के बारे में बताया जाएगा।

2. चाहे आप कैशलेस सुविधा का उपयोग करें या अन्य सुविधा का उपयोग करें, आपको सभी डॉक्यूमेंट और मेडिकल बिलों को सुरक्षित और तैयार रखना न भूलें।

3. मेडिक्लेम कैशलेस सुविधा के लिए कोई भी प्लान फाइनल करने से पहले, आपको इंश्योरेंस कंपनी के नियम और शर्तें को ठीक से पढ़ना चाहिए।
4. अगर ट्रीटमेंट की राशि इंश्योर्ड से अधिक होती है, तो बाकी राशि को इंश्योरेड व्यक्ति को चुकाना होगा।ऐसे किसी भी मामले में पूरी राशि का भुगतान करने के लिए कम्पनी की ज़िम्मेदार नहीं होती है।

कैशलेस मेडिक्लेम Hospitalisation के लिए डॉक्युमेंट्स  

कैश लेस उपचार के लिए डॉक्युमेंट्स

1. इंश्योर्ड व्यक्ति द्वारा ठीक से भरा गया कैशलेस हॉस्पिटलाइज़ेशन क्लेम फॉर्म, जिस पर उसके हस्ताक्षर होने चाहिए

2.  ओरिजिनल हॉस्पिटल बिल, जिसमें खर्चों की पूरी जानकारी हो

3. ओरिजिनल भुगतान रसीदें

4. प्रयोगशाला और परीक्षण रिपोर्ट

5.  इम्प्लांट के मामले में बिल/स्टिकर/बारकोड की प्रति

6. चिकित्सक के पहले परामर्श पत्र

7.  आपका ग्राहक (केवाईसी) फॉर्म

8. पॉलिसीधारक/प्रस्तावक द्वारा भरा गया एनईएफटी फॉर्म, जिस पर उसके हस्ताक्षर हों।

कैशलेस क्लेम और रेमबेर्समेंट में तुलना क्या है?

कैशलेस क्लेम और रीम्बर्समेंट क्लेम की तुलना करते हुए, दोनों ही सुविधाएं मेडिकल इंश्योरेंस के लिए महत्वपूर्ण हैं। कैशलेस सेटलमेंट में, इंश्योरेंस कंपनी व्यक्ति को अस्पताल से छुट्टी के समय बिल का भुगतान कर देती है। वहीं, रीम्बर्समेंट सेटलमेंट में, व्यक्ति को पहले ही मेडिकल बिल का भुगतान करना पड़ता है। 

   बाद में, व्यक्ति अपने सभी आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से बिल की राशि का क्लेम कर सकता है। नीचे दिए गए तालिका में कैशलेस क्लेम और रीम्बर्समेंट क्लेम की विभिन्न पैरामीटरों पर तुलना की गई है।


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